ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है। मेरे समर्थक (Follower) बनकर मुझसे जुड़ें। मेरी पुस्तकें ऑनलाइन खरीदें अथवा संपर्क करें। WhatsApp: 9451169407 | 8953165089 | इस ब्लॉग की समस्त रचनाओं के © सर्वाधिकार सुधीर गुप्ता ‘चक्र’ के पास सुरक्षित हैं।

गुरुवार, 18 मार्च 2010

साजिश

समुन्दर किनारे
रेत पर लिखती हो तुम
मेरा नाम
मिटा देती हैं
समुन्दर की लहरें उसे
तुम्हारा
बार-बार
यही क्रम दोहराना
समझ नहीं आता
तुम्हारा खेल है
या
हर बार मुझे
डुबाने की साजिश।

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें