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शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2013

मैं और तुम

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मैं और तुम
अलग-अलग बिंदुओं से
शुरू होकर
रेल की पटरी की तरह
समानांतर चल रहे हैं
लेकिन
ऐसा क्यों
और
कब तक
क्यों न हम
एक-दूसरे पर लम्ब डालकर
सदा के लिए गले मिल जाएं
और
एक हो जाएं।

हिन्दी में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित

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राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी 2013 को हिन्दी चलवैजन्ती पुरस्कार एवं विशेष रूप से "हिन्दी में उल्लेखनीय कार्य" के लिए बी एच ई एल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री ए. के. दवे द्वारा पुरस्कार प्राप्त करते हुए दाएं से प्रथम स्थान पर कवि सुधीर गुप्ता "चक्र"

"उम्मीदें क्यों?" विश्व पुस्तक मेला में उपलब्ध

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मेरा पुरस्कृत काव्य संग्रह "उम्मीदें क्यों?" विश्व पुस्तक मेला में उपलब्ध

कवि सम्मेलन में काव्य पाठ

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4 जनवरी 2013 को भेल दिवस पर आयोजित "कवि सम्मेलन में काव्य पाठ" करते हुए।

अखिल भारतीय गुणता वृत्त प्रतियोगिता का "प्रतिष्ठित पुरस्कार" प्राप्त

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17 से 20 दिसम्बर 2012 को कानपुर में आयोजित अखिल भारतीय गुणता वृत्त के राष्ट्रीय सम्मेलन में "प्रतिष्ठित पुरस्कार" प्राप्त करते हुए बाएं से तीसरे स्थान पर कवि सुधीर गुप्ता "चक्र"

"हिन्दी साहित्य सेवा" के लिए सम्मानित

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16 दिसम्बर 2012 को झाँसी महोत्सव में "हिन्दी साहित्य सेवा" के लिए श्री गौरव दयाल जिलाधिकारी, झाँसी महानगर द्वारा सम्मानित किया गया।

प्रथम पुरस्कार

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गुणता माह नवम्बर 2012 में ध्येय वाक्य के लिए भेल, झाँसी के कार्यपालक निदेशक श्री ए के दवे द्वारा "प्रथम पुरस्कार" प्रदान किया गया।