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सोमवार, 3 मई 2021

प्रतिक्रिया

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जब
स्त्री के चेहरे पर
तनाव दिखता है
हर कोई उसे
तनाव से बचने को कहता है
लेकिन
जब वह मुस्कुराती है
तो सबको
चालू नजर आती है
इसलिए
अब वह बिल्कुल चुप है
और बहरी होना चाहती है
क्योंकि
उसके चुप रहने पर भी
कोई न कोई
प्रतिक्रिया अवश्य आती है।

रविवार, 2 मई 2021

दाँव

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जब भी
चौपड़ सजती है
किसकी हार होगी
और
किसकी जीत
यह बात
मायने नहीं रखती है
क्योंकि
दाँव पर
केवल औरत ही लगती है।

शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021

स्त्री

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उसने
आँख दिखायी
मैं सहम गयी
उसने
इशारा किया
मैं दौड़ी चली आयी
उसने
जो भी कहा
मैंने सुना
उसने
जो भी बताया
मैंने जाने बिना ही
सबकुछ मान लिया
उसके कहने
और
मेरे मानने में
बात थी सिर्फ इतनी
वो पुरूष था
और
मैं स्त्री।

परिभाषा

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शिक्षा की
कोई उम्र नहीं होती
कोई परिभाषा भी नहीं होती है
इसलिये
एक अनपढ़ स्त्री
पुरूष के मन की बैचेनी
आतुरता
लपलपाते होंठ
और
उसकी कामांध आँखों से
संभावित
बलात्कार को पढ़ लेती है।

संभावना

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जो
विषमता में भी
संभावना खोजती है
वही तो
स्त्री होती है।

गुरुवार, 29 अप्रैल 2021

कीमत

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चेहरे पर
मानसिक तनाव
उभरती हुयी धमनियाँ
बढ़ता हुआ
श्वाँसों का ग्राफ
धड़कता हृदय
फड़फड़ाते होंठ
हाथ झाड़ते शिकारी कुत्ते
और
खामोश होतीं
उसकी सिसकियाँ  
सच में
एक औरत होने की
कितनी कीमत चुकाती हैं स्त्रियाँ

पुरूष प्रधान समाज

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पुरूष प्रधान समाज
स्त्री के
तन के अलावा
और कुछ नहीं पढ़ पाया
एक स्त्री के पास
तन के अलावा भी
बहुत कुछ है पढ़ने को
शायद
वेद-पुराणों से भी ज्यादा।