आज
सुबह से ही
मुंडेर पर बैठा कौवा
कांव-कांव
कर रहा है
माँ कहती है
यह
किसी के आने का संकेत है
मैं समझ गया
महीने भर से बन्द
सरकारी नल में
आज पानी आएगा।
गुरुवार, 18 मार्च 2010
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कवि | लेखक | कथाकार | व्यंग्यकार | समीक्षक
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