ब्लॉग देखने के लिए हार्दिक धन्यवाद। यदि आपको मेरा ब्लॉग अच्छा लगा है तो आप मेरे समर्थक (Follower) बनकर मुझसे जुड़ें। ई-मेल sudhir.bhel@gmail.com मोबाइल 09451169407, 08953165089

मंगलवार, 21 अगस्त 2012

अम्मा-बाबूजी

3 टिप्पणियाँ

घर की ढेरों चीजें
जो व्यवस्थित रखी हैं
अपने-अपने स्थान पर
फिर भी
हम भूल जाते हैं
रखकर उन्हें
दो ही लोग निभाते हैं केवल
इस जिम्मेदारी को
अम्मा और बाबूजी
जो
आज हमारे साथ हैं
समय बीतते
साथ छोड़ दिया दोनों ने
अब हम
चीजों की जगह
अम्मा और बाबूजी को भूलने लगे हैं
घर की चीजें
जो यहां-वहां पडी‌ हैं
उन्हें संभालना अब
हमारी जिम्मेदारी है
बंटवारे में
हमारे हिस्से में मिली चीजों को
संभालकर रखने में निकल जाता है आधा दिन
अब वह
सबकी नहीं बल्कि
केवल हमारी सम्पत्ति का हिस्सा हैं।