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रविवार, 4 मार्च 2012

विधायक द्वारा सम्मानित

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केंद्रीय ग्रामीण एवं विकास राज्य मंत्री श्री प्रदीप जैन "आदित्य" एवं दिल्ली के सुप्रसिद्ध साहित्यकार और कार्टूनिस्ट श्री किशोर श्रीवास्तव की उपस्थिति में झाँसी महानगर के विधायक श्री कैलाश साहू द्वारा वर्ष 2010 का मिथिलेश-रामेश्वर प्रतिभा सम्मान के लिए सम्मानित।

मिथिलेश-रामेश्वर प्रतिभा सम्मान 2010

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साधना टी वी पर काव्य पाठ का प्रमाण-पत्र

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शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2012

स्मृति

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तुम्हें

सामने बिठाकर

लिखने लगा हूँ

अब मैं

पहले से/ बहुत अच्छी और

संपूर्ण कविताएँ

इस तरह मानों

पुरानी कविताओं की "स्मृति" हो आयी हो।

हिन्दुस्तान

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भव्यता पर

बात करते-करते

कुछ लोग

सभ्यता खो बैठे

और

आपस में लड‌ने लगे

कुछ लोगों ने

हाथों में लिया अखबार फाड़ दिया

मैंने पूछा

अखबार का नाम

तो बोले कि

"हिन्दुस्तान" है।

पिता से बेटी का प्रश्न

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पिताजी

ओसारे के नीचे पडी‌

चारपाई पर लेटे ही लेटे

बकरी के छौने को देखकर तुम

बडे खुश होते हो

फिर

प्यार से गोद में उठाते हो

यही छौना

बकरी बनने के बाद

उसका वंश बढाएगा

फिर

पीढी दर पीढी

यही क्रम चलेगा

सोचकर

बहुत हर्षाते हो

लेकिन

मुझे जन्म से पहले ही

मारने की सोचते हो

अगर

जन्म ले भी लूँ तो

तुम्हारे चेहरे पर

क्यों आ जाती है उदासी

मैं

तुम्हारा न सही

माँ की तरह

किसी का तो वंश बढा‌ऊंगी

फिर

छौने में और मुझमें

भेदभाव क्यों?

शनिवार, 31 दिसंबर 2011

नव वर्ष की बधाई

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हमारे एक मित्र
हैं बड़े विचित्र
एक जनवरी को हमसे बोले -
"चक्र" जी
नव वर्ष की बधाई !
हमने कहा
बड़े अजीब हो,
बिना सोचे समझे ही बधाई
आपको
देने मै ज़रा भी शर्म नहीं आयी ?
अरे,
नव वर्ष जब भी आता है
केवल
वर्ष ही तो नया रहता है
लेकिन
समस्याएँ पुरानी दोहराता है !
समस्याओं की श्रेणी में
प्रथम क्रमांक
रोटी का आता है
विश्वाश करो,
एक दिन तो ऐसा आएगा
जब
मोनो एक्टिंग करके
कोरी कल्पना से पेट भरना होगा,
तब
हम अपने बच्चों को बताएंगे
कि
रोटी एक इतिहास है
और
उसकी कहानियां सुनाएंगे !
यह सुनकर
हमारे बच्चे भी
रोटी के भूतकालीन अस्तित्व पर
विशवास नहीं कर पाएंगे !
मेरे भाई,
बधाई का क्या है -
नव वर्ष की
सिर्फ निष्ठा बदल जाती है
और
मौक़ा देखकर
उसकी भी नीयत बदल जाती है !
जिस दिन
महंगाई कम हो जाएगी
उस दिन मैं
घी के दिये जलाऊंगा
और
सच मानो
आपको नव वर्ष की बधाई देने अवश्य आऊँगा