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शुक्रवार, 26 जून 2026

भूटान यात्रा : स्नेह के स्वर्णिम क्षण

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"21 से 27 जून 2026 तक 27 मित्रों के साथ संपन्न स्मरणीय "भूटान यात्रा" के दौरान लिखी गई यह कविता प्रस्तुत है। इसमें सभी सहयात्रियों के व्यक्तित्व, व्यवहारगत विशेषताओं एवं उनके नामों को कविता में समाहित करने का विनम्र प्रयास किया गया है।"


कुछ रिश्ते बनते हैं रक्त से, कुछ बनते संयोग से,

कुछ रिश्ते समय से चलते हैं कुछ अपने-अपने योग से।

पर जो बिना किसी स्वार्थ के जीवन भर साथ निभाते हैं,

वे मित्र नहीं, ईश्वर के भेजे हुए वरदान कहलाते हैं।


हमको आलोक-विनीता का साथ मिला, अशोक-नीलम का प्यार मिला,

सुरेश-मीना की आत्मीयता से रिश्तों को नया विस्तार मिला।

मनोज-गार्गी की शुभेच्छाओं ने हर अवसर को मान दिया,

वीरेन्द्र-आभा के अपनत्व ने सबको भरपूर सम्मान दिया।


माला और प्रभा के स्नेहिल भावों ने संबंधों को साधा है,

राहुल-विनीता ने हर रिश्ते को प्रेम के धागों से बाँधा है।

नरेन्द्र-किरण का विश्वास सदा संबल बनकर साथ रहा,

तजविंदर-गुरविंदर का उत्साह हर बैठक की सौगात रहा।


उमा जी की सरलता ऐसी जैसे गंगाजल की निर्मलता है,

रमा जी के व्यवहार में देखो बहती भावों की सरिता है।

रमेश जी की सच्चाई ने विश्वास को मजबूत कर दिया है,

विपिन जी की विनम्रता ने तो हर दिल को स्पर्श किया है।


प्रभात जी की उजली सोच जहाँ नई दिशा दिखलाती है,

निधि-सुमित की मेहनत भी वहाँ अपना रंग दिखलाती है।

आप सभी के प्रेम ने मिलकर ऐसा संसार बनाया है,

जहाँ हर चेहरा अपना लगता, हर दिल नेह से भर आया है।


हँसी के कुछ अनमोल क्षण, कुछ यादों के उपहार मिले,

जीवन की इस लंबी यात्रा में सच्चे हितैषी यार मिले।

सुख में जो शामिल होते हैं, वे अक्सर मिल जाते हैं,

पर दुःख की धूप में जो ठहरें, वही सच्चे मित्र कहलाते हैं।


और अंत में—

सुधीर-रेखा को आप सबने मिलकर जो मान दिया,

अपने स्नेह, विश्वास और अपनत्व का वरदान दिया।

यह धन-दौलत से बढ़कर है, कोई साधारण बात नहीं,

आप जैसे अच्छे मित्रों का साथ मिला, इससे बड़ी सौगात नहीं।


ईश्वर से बस एक प्रार्थना, भूटान ग्रुप प्रेम-सूत्र में बंधा रहे,

हर चेहरे पर हो मुस्कान और समर्पण सबका बना रहे।

दुबारा मिलें जल्दी फिर मुस्कानों के फूल खिलें इस बगिया में,

संबंधों की मिठास हो ऐसी ज्यों होती दीपावली की गुजिया में।


हृदय के गहरे भावों से आज बस इतना कहता हूँ,

साथ मिला भरपूर आपका पुनः अभिनन्दन करता हूँ।

है आप सभी को शत-शत नमन, बारम्बार प्रणाम,

"भूटान ग्रुप" के सभी सदस्यों को मेरी और रेखा की राम-राम॥