ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है। मेरे समर्थक (Follower) बनकर मुझसे जुड़ें। मेरी पुस्तकें ऑनलाइन खरीदें अथवा संपर्क करें। WhatsApp: 9451169407 | 8953165089 | इस ब्लॉग की समस्त रचनाओं के © सर्वाधिकार सुधीर गुप्ता ‘चक्र’ के पास सुरक्षित हैं।

बुधवार, 21 अप्रैल 2021

वह तोड़ती पत्थर


वर्षों पहले
महाकवि निराला ने
लिखी थी कविता
वह तोड़ती पत्थर
वो बात
अभी तक चरितार्थ हो रही है
औरत
आज भी पत्थर तोड़ रही है।

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें