ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है। मेरे समर्थक (Follower) बनकर मुझसे जुड़ें। मेरी पुस्तकें ऑनलाइन खरीदें अथवा संपर्क करें। WhatsApp: 9451169407 | 8953165089 | इस ब्लॉग की समस्त रचनाओं के © सर्वाधिकार सुधीर गुप्ता ‘चक्र’ के पास सुरक्षित हैं।

बुधवार, 24 फ़रवरी 2016

खिचड़ी

कंकड़ बीनने के बाद
बनी हुई खिचड़ी
तुम
बड़े चाव से खाते हो
क्या कभी सोचा है
औरत ने
खिचड़ी के साथ-साथ
तुम्हारी जिंदगी के भी
कंकड़ बीन लिये हैं।



0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें