मंत्री-पुत्र ने
मंदिर में
भगवान के समक्ष
पुजारी को
बनाते हुए गवाह
खायी कसम
और कहा-
मैं
अपने पिता के पदचिन्हों पर ही चलूँगा
इसलिए
आजीवन विवाह नहीं करूंगा।
बुधवार, 23 फ़रवरी 2011
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कवि | लेखक | कथाकार | व्यंग्यकार | समीक्षक
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