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सोमवार, 26 मई 2014

हिन्दी के लिए सम्मानित

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हिन्दी में उल्लेखनीय कार्य एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पर सम्मानित करते हुए भेल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर।

"कलम कलाधर सम्मान" से सम्मानित

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ग्वालियर में आयोजित राष्ट्र स्तरीय कार्यक्रम में सैकड़ों साहित्यकारों की उपस्थिति में 
"कलम कलाधर सम्मान" 
प्राप्त करते हुए।

"उम्मीदें क्यों?" काव्य संग्रह का विमोचन

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अखिल भारतीय साहित्यिक महाकुंभ में विशेष पुरस्कृत काव्य संग्रह "उम्मीदें क्यों?" का विमोचन करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार।

बुलंदशहर में सम्मान

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वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेवी श्री राजेश गोयल जी से सम्मान प्राप्त करते हुए

"मिथलेश-रामेश्वर प्रतिभा सम्मान" से सम्मानित

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विधायक श्री साहू जी के साथ प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट और "हम सब साथ-साथ" नयी दिल्ली के डायरेक्टर श्री किशोर श्रीवास्तव राष्ट्रीय स्तर का सम्मान प्रदान करते हुए।

"अरे! हम तो फिसल गए" का विमोचन

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विश्व का एकमात्र व्यंग्यात्मक चेतावनी वाला काव्य संग्रह "अरे! हम तो फिसल गए" का विमोचन करते हुए सुप्रसिद्ध कवि बालकवि बैरागी।

बुधवार, 19 जून 2013

पत्नी का फोटो

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एक दिन दफ्तर में
मेरी एक मात्र पत्नी का
बिना सूचना के आगमन हुआ
उसके चेहरे पर गुस्सा देख
मुझे
तूफान के पहले की
आंधी का आभास हुआ
अचानक
उसका हाव-भाव बदल गया
गुस्से से लाल चेहरा
फूल सा खिल गया
उसका
पाकिस्तान की तरह
इतनी जल्दी बदलाव
मेरी समझ में नहीं आया
जब मैंने इसका कारण पूछा
तो
मुस्कुराकर बोली
हे मेरे प्राणनाथ
मैं आपको कितना गलत समझती थी
आपकी टेबिल पर
सुन्दर फ्रेम में जड़ी हुई अपनी फोटो देखकर
मुझे आज पता चला
आप यूँ ही आहें नहीं भरते हैं
मुझसे कितना प्यार करते हैं 
पति बोला
यह तुम्हारा भ्रम है
टेबिल पर तुम्हारी
फोटो लगाने का तो दूसरा ही कारण है
तुम तो जानती हो कि
मैं जनसम्पर्क अधिकारी हूँ
प्रतिदिन
अच्छे और बुरे लोगों से
मेरा पाला पड़ता है
किसी-किसी दिन तो
लड़ना भी पड़ता है
तब किसी काम में नहीं लगता है मन
इसलिए हो जाती है टेंशन
तुम्हारी
फोटो पास रहेगी तो
यह आभास होगा
क्या
तुमसे भी बड़ा कोई टेंशन होगा
इस तरह
टेंशन की समस्या सुलझ जायेगी
और
मेरी नौकरी आराम से कट जायेगी।